بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
असली इस्लामी दुआएं
हर मौके के लिए
इस्लामी दुआओं की खूबसूरती को दरियाफ्त करें असली अरबी मतन, उच्चारण, और हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में तर्जुमे के साथ।
अहम दुआएं
अपने रूहानी सफर की शुरुआत करें इन ज़रूरी और सबसे महबूब दुआओं के साथ जो कुरान और सही हदीस से ली गई हैं।
किसी को शादी की मुबारक़बाद की दुआ
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ وَبَارَكَ عَلَيْكَ وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ
तलफ़्फ़ुज़:
बारकल्लाहु लका व बारका अलैका व जमाअ बैनकुमा फी खैर।
तर्जुमा:
अल्लाह आपको बरकत अता फरमाए, आप पर अपनी बरकतें नाज़िल फरमाए और आप दोनों (मियां-बीवी) को खैर व भलाई के साथ जोड़ कर रखे।
मसदर: जामी अत-तिर्मिज़ी (हदीस नंबर: 1091)
बारिश रुकने की दुआ
اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلاَ عَلَيْنَا، اللَّهُمَّ عَلَى الآكَامِ وَالظِّرَابِ، وَبُطُونِ الأَوْدِيَةِ، وَمَنَابِتِ الشَّجَرِ
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा हवालैना वला अलैना, अल्लाहुम्मा अलल-आकामि वज़-ज़िराबी, व बुतूनील-अौदियती, व मनाबितिश-शजर।
तर्जुमा:
ऐ अल्लाह! हमारे आस-पास बारिश बरसा, हम पर (नुक़सानदेह तौर पर) न बरसा। ऐ अल्लाह! टीलों, पहाड़ों, वादियों और दरख़्तों के उगने की जगहों पर (बारिश बरसा)।
मसदर: Sahih Bukhari: 1013, 1014
शिर्क से बचने की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ أَنْ أُشْرِكَ بِكَ وَأَنَا أَعْلَمُ، وَأَسْتَغْفِرُكَ لِمَا لاَ أَعْلَمُ
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका अन उशरिका बिका व-अना अ'लमु, व-अस्तग़फ़िरुका लिमा ला अ'लमु।
तर्जुमा:
ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इस बात से कि मैं जान-बूझकर तेरे साथ किसी को शरीक ठहराऊँ, और तुझसे माफ़ी माँगता हूँ उस (शिर्क) के लिए जिसे मैं नहीं जानता।
मसदर: Al-Adab Al-Mufrad, Bukhari: 716
दज्जाल के फ़ितने से बचने की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ، وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ، وَمِنْ شَرِّ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन अज़ाबि जहन्नम, व मिन अज़ाबिल क़ब्र, व मिन फ़ितनतिल महया वल ममात, व मिन शर्रि फ़ितनतिल मसीहिद दज्जाल।
तर्जुमा:
ए अल्लाह! मैं जहन्नम के अज़ाब से तेरी पनाह चाहता हूँ, और क़ब्र के अज़ाब से तेरी पनाह चाहता हूँ, और ज़िंदगी और मौत के फ़ित्नों से तेरी पनाह चाहता हूँ, और मसीह दज्जाल के फ़ित्ने की बुराई से तेरी पनाह चाहता हूँ।
मसदर: सहीह मुस्लिम (हदीस नंबर: 588)
अच्छे पड़ोसी की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ جَارِ السَّوءِ فِي دَارِ الْمُقَامَةِ، فَإِنَّ جَارَ الْبَادِيَةِ يَتَحَوَّلُ
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन जारिस-सू-इ़ फ़ी दारिल मुक़ामति, फ़-इन्ना जारल बादियति यतहव्व-लु।
तर्जुमा:
ऐ अल्लाह! मैं एक मुस्तक़िल घर (जहां हमेशा रहना हो) में बुरे पड़ोसी से तेरी पनाह मांगता हूँ, क्योंकि सफ़र या अस्थायी जगह का पड़ोसी तो बदल जाता है।
मसदर: Sunan an-Nasa'i: 5502
पर्दादारी और पाकदामनी के लिए दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْهُدَى وَالتُّقَى وَالْعَفَافَ وَالْغِنَى
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुकल-हुदा, वत-तुक़ा, वल-अफ़ाफ़ा, वल-ग़िना।
तर्जुमा:
ऐ अल्लाह! बेशक मैं तुझसे हिदायत, तक़वा (परहेज़गारी), पाकदामनी और बे-नियाज़ी (कनाअत) का सवाल करता हूँ।
मसदर: सहीह मुस्लिम: 2721
अल्लाह की रहमत पाने की दुआ
رَبَّنَا آتِنَا مِن لَّدُنكَ رَحْمَةً وَهَيِّئْ لَنَا مِنْ أَمْرِنَا رَشَدًا
तलफ़्फ़ुज़:
रब्बना आतिना मिल-लदुन्का रहमतंव-व हय्यिअ् लना मिन अम्रिना रशदा।
तर्जुमा:
ऐ हमारे रब! हमें अपने पास से रहमत अता फरमा और हमारे काम में हमारे लिए कामयाबी (हिदायत) का सामान आसान कर दे।
मसदर: सूरह अल-कहफ़, आयत नंबर 10
ईमान की मज़बूती की दुआ
رَبَّنَا لَا تُزِغْ قُلُوبَنَا بَعْدَ إِذْ هَدَيْتَنَا وَهَبْ لَنَا مِن لَّدُنكَ رَحْمَةً ۚ إِنَّكَ أَنتَ الْوَهَّابُ
तलफ़्फ़ुज़:
रब्बना ला तुज़िग़ क़ुलूबना बअ-द इज़ हदय्तना वहब लना मिल-लदुन-क रह़-मतन इन्न-क अन्तल वह्हाब।
तर्जुमा:
ऐ हमारे रब! हमारे दिलों को टेढ़ा न होने दे इसके बाद कि तूने हमें हिदायत दी है, और हमें अपने पास से रहमत अता फ़रमा, बेशक तू ही सब कुछ अता करने वाला है।
मसदर: सूरह आल-इमरान, आयत 8
सिर दर्द की दुआ सुन्नत
أَعُوذُ بِعِزَّةِ اللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ
तलफ़्फ़ुज़:
अऊज़ु बि-इज़्ज़तिल्लाहि व क़ुदरतिही मिन शर्रि मा अजिदु व उहाज़िरु
तर्जुमा:
मैं अल्लाह की इज़्ज़त और कुदरत की पनाह माँगता हूँ उस बुराई से जो मुझे महसूस हो रही है और जिससे मैं डर रहा हूँ।
मसदर: सहीह मुस्लिम
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रोज़ाना दुआ की याद दहानी
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