रात का वक्त अल्लाह की दी हुई एक बहुत बड़ी नेमत है। यह वह घड़ी है जब पूरा जिस्म और रूह आराम चाहती है। Achche khwab ke liye dua और ज़िक्र का मक़सद यही है कि इंसान अपने रब की पनाह में सुकून से सो सके और सुबह ताज़गी के साथ उठे।
Sone Se Pehle Dil Ki Haalat
दिन भर की भाग-दौड़, कामकाज की फ़िक्र और ज़हन में चलते बेशुमार ख्यालात अक्सर इंसान को सोने के वक्त भी बेचैन रखते हैं। जब हम बिस्तर पर लेटते हैं, तो कभी-कभी गुज़रे हुए दिन की थकावट या आने वाले कल की उलझनें हमारे दिल पर भारी पड़ने लगती हैं। ऐसे में दिल का सुकून सबसे ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है।
सोने से पहले का वह लम्हा बहुत कीमती होता है। यह वह वक़्त है जब हम दुनिया के सारे शोर को पीछे छोड़कर अपने खालिक (पैदा करने वाले) की तरफ मुतवज्जे होते हैं। अगर इस वक्त दिल में अल्लाह की याद और ज़ुबान पर उसकी हम्द हो, तो रूह को एक अजीब सा इत्मिनान मिलता है। घबराहट और बेचैनी को दूर करने का सबसे बेहतरीन रास्ता यही है कि हम अपनी तमाम फ़िक्रें अल्लाह के सुपुर्द कर दें।
Islam Ne Neend Aur Khwab Ke Bare Mein Kya Sikhaya
इस्लाम में नींद को सिर्फ एक जिस्मानी ज़रूरत नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और उसकी कुदरत की निशानी बताया गया है। कुरान-ए-करीम में ज़िक्र है कि अल्लाह ने रात को सुकूत (खामोशी) और सुकून के लिए बनाया है।
ख्वाबों के बारे में सुन्नत का नज़रिया बहुत ही मुतवाज़िन (balanced) और सादा है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने हमें सिखाया है कि हम सोते वक्त अल्लाह की पनाह मांगें और उसी पर भरोसा करें। अच्छे ख्वाब अल्लाह की तरफ से एक बशारत (खुशखबरी) की तरह होते हैं जो इंसान के दिल को राहत देते हैं। जब कोई शख्स पाकीज़गी और इत्मिनान के साथ सोता है, तो वह अपने आप को अल्लाह की अमान में महसूस करता है। यहाँ खौफ की कोई गुंजाइश नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ अल्लाह की रहमत पर भरोसा है।
Achche Khwab Aur Sukoon Ke Liye Padhi Ja Sakti Hai Yeh Duas
इस्लाम में ऐसी कई दुआएं मौजूद हैं जो अल्लाह की हिफाज़त और दिल के इत्मिनान के लिए पढ़ी जाती हैं। Achche khwab ke liye dua के तौर पर आप नीचे दी गई मसनून दुआएं पढ़ सकते हैं:
1. Sone Se Pehle Ki Mashhoor Dua
यह दुआ अल्लाह के नाम की बरकत हासिल करने और अपनी ज़िंदगी और मौत को उसके हवाले करने का बेहतरीन ज़रिया है।
Arabic Dua:
بِاسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا
तलफ़्फ़ुज़:
बिस्मिका अल्लाहुम्मा अमूतु व अहया
Roman (Hinglish):
Bismika Allahumma amootu wa ahya
तर्जुमा: ऐ अल्लाह! मैं तेरे ही नाम के साथ मरता (सोता) हूँ और जीता (जागता) हूँ।
मस्दर: सहीह बुखारी (6324)
2. Sukoon Aur Panah Ki Dua
यह छोटी सी दुआ दिल से डर को निकालने और अल्लाह की अमान में आने के लिए बहुत मुअस्सिर (effective) है।
Arabic Dua:
اللَّهُمَّ قِنِي عَذَابَكَ يَوْمَ تَبْعَثُ عِبَادَكَ
तलफ़्फ़ुज़:
अल्लाहुम्मा क़िनी अज़ाबाका यौमा तब-असु इबादक
Roman (Hinglish):
Allahumma qinee ‘adhaabaka yawma tab’athu ‘ibaadaka
तर्जुमा: ऐ अल्लाह! मुझे उस दिन अपने अज़ाब से बचा लेना, जिस दिन तू अपने बंदों को दोबारा उठाएगा।
मस्दर: सुनन अबी दाऊद (5045)
Dua Ke Saath Sone Ka Sukoon
दुआ सिर्फ लफ़्ज़ों का नाम नहीं है, बल्कि यह अल्लाह पर मुकम्मल यकीन का नाम है। जब आप सोने से पहले इन कलिमात का ज़िक्र करते हैं, तो अपने ज़हन को यह पैगाम देते हैं कि अब आपकी हिफाज़त का ज़िम्मा अल्लाह के हाथ में है।
रात की खामोशी में जब आप अल्लाह की पनाह मांगते हैं, तो दिल की घबराहट धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह इत्मिनान ही अच्छे ख्वाबों के लिए एक साज़गार माहौल पैदा करता है। याद रखें कि सुकून ज़मीन या बिस्तर में नहीं, बल्कि अल्लाह की याद में है। जब दिल अल्लाह के ज़िक्र से मुतमइन होता है, तो नींद भी गहरी और पुर-सुकून आती है।
अगर कभी दिल में ज़्यादा बेचैनी महसूस हो, तो बिस्तर पर लेटकर सिर्फ “या सलाम” (ऐ सुकून देने वाले) का ज़िक्र करना भी दिल को ठंडक पहुँचाता है।
मुख़्तसर सवाल-जवाब
सवाल: क्या अच्छे ख्वाब के लिए कोई खास दुआ लाज़मी है?
जवाब: इस्लाम में कोई ऐसी एक दुआ मुक़र्रर नहीं है जिसे पढ़ने से “सिर्फ” अच्छे ख्वाब आने की गारंटी दी जाए। अलबत्ता, ऊपर दी गई मसनून दुआएं और अल्लाह का ज़िक्र दिल को वह सुकून और अमान देते हैं जिससे इंसान इत्मिनान की नींद सोता है और अच्छे ख्यालात के साथ जागता है।
सवाल: क्या अगर ख्वाब अच्छा न हो तो कोई गुनाह होता है?
जवाब: जी नहीं, ख्वाब का अच्छा या बुरा होना इंसान के बस में नहीं है और न ही इसमें कोई गुनाह है। यह महज़ ज़हन के ख्यालात या नींद की एक हालत होती है। अगर कोई बुरा ख्वाब देखे तो उसे नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए और अल्लाह की पनाह मांगनी चाहिए।
आख़िरी बात
रात का सुकूून अल्लाह का एक तोहफा है। जब हम अपनी आँखें बंद करते हैं, तो इस उम्मीद के साथ कि अल्लाह हमें एक खैर वाली सुबह दिखाएगा। Achche khwab ke liye dua और ज़िक्र असल में हमारे ईमान को ताज़ा करते हैं। यह यकीन रखिए कि जो अल्लाह दिन भर आपका ख्याल रखता है, वह रात की तारीख़ी (अंधेरे) में भी आपको अपनी पनाह में रखेगा।
अपने दिल को हल्का रखें, सबको माफ़ करके सोएं और अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखें। बेशक, अल्लाह ही दिलों को सुकून देने वाला है।

