Quick Summary
Dua Name
Ghar Mein Dakhil Hone Ki Dua
Arabic Text
بِسْمِ اللهِ وَلَجْنَا، وَبِسْمِ اللهِ خَرَجْنَا، وَعَلَى اللهِ رَبِّنَا تَوَكَّلْنَا
Hindi Transliteration
बिस्मिल्लाहि वलज्ना, व बिस्मिल्लाहि खरज्ना, व 'अलल्लाहि रब्बिना तवक्कलना।
English Transliteration
Bismillahi walajna, w bismillahi kharajna, w 'alallahi rabbina tawakkalana.
Source
सुनन अबी दाऊद
दीन-ए-इस्लाम हमारी ज़िंदगी के हर हिस्से में रहनुमाई करता है। हमारा घर वह जगह है जहाँ हम दिन भर की थकान के बाद सुकून महसूस करते हैं। घर में दाख़िल होते वक़्त अल्लाह को याद करना न सिर्फ़ हमारे रिज़्क़ में बरकत पैदा करता है, बल्कि घर को शैतान और हर तरह की बुरी नज़र से महफ़ूज़ (Protect) रखता है।
चाहे आप रोज़ाना अपने पुराने घर में दाख़िल हो रहे हों या किसी नए घर (Naye Ghar) में पहली बार क़दम रख रहे हों, हदीस और क़ुरआन में इसके लिए बेहतरीन दुआएं मौजूद हैं। इस मुकम्मल गाइड में हम Ghar mein dakhil hone ki dua और घर में दाख़िल होने की सुन्नतों को तफ़सील से जानेंगे।
1. घर में दाख़िल होने की रोज़ाना की दुआ (Daily Sunnat Dua)
जब भी आप बाहर से अपने घर वापस आएं, तो सीधे अंदर जाने के बजाय पहले अल्लाह का नाम लें। नबी-ए-करीम (ﷺ) ने फरमाया कि जो शख़्स घर में दाख़िल होते वक़्त अल्लाह का नाम लेता है, तो शैतान अपने साथियों से कहता है कि “आज तुम्हारे लिए इस घर में न तो रहने की जगह है और न ही खाने का कोई हिस्सा।”
सुन्नत तरीक़ा: अपना दाहिना (Right) पैर घर के अंदर रखें और यह दुआ पढ़ें:
अरबी (Arabic):
بِسْمِ اللهِ وَلَجْنَا، وَبِسْمِ اللهِ خَرَجْنَا، وَعَلَى اللهِ رَبِّنَا تَوَكَّلْنَا
रोमन इंग्लिश (Transliteration):
Bismillahi walajna, wa bismillahi kharajna, wa ‘alallahi rabbina tawakkalna.
हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):
“अल्लाह के नाम से हम (घर में) दाख़िल हुए, और अल्लाह ही के नाम से हम निकले, और हमने अपने रब ही पर भरोसा किया।”
हवाला (Reference): यह दुआ सुनन अबी दाऊद से साबित है।
2. नए घर में दाख़िल होने की दुआ (Naye Ghar Mein Dakhil Hone Ki Dua)
जब इंसान किसी नए घर (New Home) या नई प्रॉपर्टी में पहली बार क़दम रखता है, तो उसे अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। नया घर या नई जगह नज़र-ए-बद (Evil Eye) का बहुत जल्दी शिकार होती है। इसलिए क़ुरआन मजीद की इस छोटी सी लेकिन ताक़तवर आयत को पढ़ने का हुक्म दिया गया है:
अरबी (Arabic):
مَا شَاءَ اللَّهُ لَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ
रोमन इंग्लिश (Transliteration):
Ma sha’Allahu la quwwata illa billah.
हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):
“जो अल्लाह ने चाहा (वही हुआ), अल्लाह की मदद के बग़ैर किसी में कोई ताक़त नहीं।”
हवाला (Reference): मुक़द्दस क़ुरआन, सूरह अल-कहफ़ (आयत 39)।
3. घर में दाख़िल होने के 4 अहम इस्लामी आदाब (Etiquettes of Entering Home)
दुआ पढ़ने के साथ-साथ इन सुन्नतों पर भी अमल करें, जिससे घर में हमेशा सुकून और बरकत बनी रहेगी:
- सलाम करना (Saying Salam): घर में दाख़िल होते ही घर वालों को “अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह” कहें। अगर घर में कोई न भी हो, तब भी सलाम कहना सुन्नत है, क्योंकि घर में मौजूद फ़रिश्तों पर सलाम भेजा जाता है।
- दाहिना पैर पहले रखना: मस्जिद की तरह, घर में दाख़िल होते वक़्त भी हमेशा अपना दाहिना (Right) पैर पहले अंदर रखें।
- मिस्वाक करना: हज़रत आयशा (रज़ि.) फरमाती हैं कि जब नबी-ए-करीम (ﷺ) घर में दाख़िल होते थे, तो सबसे पहले मिस्वाक फरमाते थे।
- बिस्मिल्लाह पढ़ना: अगर आपको पूरी दुआ याद नहीं है, तो सिर्फ़ “बिस्मिल्लाह” पढ़ कर भी घर में दाख़िल होना शैतान को दूर रखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवालात (FAQs)
सवाल: अगर घर खाली हो (कोई इंसान न हो) तो क्या सलाम करना चाहिए?
जवाब: जी हां, क़ुरआन की सूरह अन-नूर के मुताबिक़, अगर घर में कोई न हो तो इस तरह सलाम करना चाहिए: “अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस-सालिहीन” (सलाम हो हम पर और अल्लाह के नेक बंदों पर)।
सवाल: क्या Naye ghar mein dakhil hone ki dua के साथ कुछ और भी पढ़ना चाहिए?
जवाब: नए घर में दाख़िल होने के बाद उसमें बरकत के लिए सूरह अल-बक़रह (Surah Baqarah) की तिलावत करना बेहतरीन अमल है। हदीस में है कि जिस घर में सूरह बक़रह पढ़ी जाती है, शैतान उस घर से भाग जाता है।
सवाल: अगर घर में दाख़िल होते वक़्त दुआ पढ़ना भूल जाएं तो क्या करें?
जवाब: जैसे ही आपको याद आए, आप घर के अंदर “बिस्मिल्लाह” पढ़ लें और घर वालों को सलाम कर लें, ताकि शैतान खाने या रहने में शरीक न हो सके।
अल्लाह ताला हमारे घरों को अमन और सुकून का गहवारा बनाए, और हर तरह की बुरी नज़र व शैतानी असर से महफ़ूज़ रखे। आमीन।



