Islamic Duas for Children: Aulad Hone, Hifazat Aur Nek Tarbiyat Ki Dua

By Rokaiya

aulaad ki hifazat ki dua main

Quick Summary

Dua Name

Islamic Duas For Children

Arabic Text

أُعِيذُكَ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ

Hindi Transliteration

उईज़ुका बिकलिमातिल्लाहित-ताम्मति, मिन कुल्लि शैतानिंव-व-हाम्मतिन, व-मिन कुल्लि ऐनिल-लाम्मतिन।

English Transliteration

Uizuka bikalimatillahit-tammati, min kulli shaitaninw-w-hammatin, w-min kulli ainil-lammatin.

Source

सहीह बुखारी

दीन-ए-इस्लाम में नेक औलाद को अल्लाह की तरफ़ से एक बेहतरीन नेमत और अमानत माना गया है। हमारी ज़िंदगी में बच्चों की अहमियत बहुत बड़ी है, और एक मोमिन की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ बच्चों की दुनियावी ज़रूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि उनकी दीनी और रूहानी परवरिश करना भी है।

बच्चे की पैदाइश की चाहत से लेकर, उसके दुनिया में आने, उसकी हिफ़ाज़त (Protection) और एक नेक इंसान बनने तक—हर वक़्त और हर क़दम के लिए क़ुरआन और हदीस में मसनून दुआएं मौजूद हैं। इस मुकम्मल गाइड में हम बच्चों से जुड़ी तमाम ज़रूरी दुआओं को तफ़सील से जानेंगे।


1. नेक औलाद होने की दुआ (Aulad Hone Ki Dua)

जब हज़रत ज़करिया (अलैहिस सलाम) ने हज़रत मरियम के पास बे-मौसम के फल देखे, तो उन्होंने अल्लाह से अपने लिए एक नेक औलाद की तलब की। क़ुरआन में मौजूद यह दुआ उन तमाम शादीशुदा जोड़ों के लिए बेहतरीन है जो औलाद की नेमत से महरूम हैं।

अरबी (Arabic):

رَبِّ هَبْ لِي مِن لَّدُنكَ ذُرِّيَّةً طَيِّبَةً ۖ إِنَّكَ سَمِيعُ الدُّعَاءِ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Rabbi hab li mil ladunka zurriyyatan tayyibah, innaka sami’ud dua.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“ऐ मेरे रब! मुझे अपनी तरफ़ से एक नेक औलाद अता फरमा, बेशक तू ही दुआ सुनने वाला है।”

हवाला (Reference): सूरह आले-इमरान, आयत 38।


2. नए पैदा होने वाले बच्चे के लिए दुआ (Dua for New Born Baby)

जब घर में नए मेहमान की आमद हो, तो सिर्फ़ मुबारकबाद देना ही काफ़ी नहीं, बल्कि बच्चे के लिए यह ख़ास दुआ करना सुन्नत और सवाबे-जारिया है।

अरबी (Arabic):

بَارَكَ اللهُ لَكَ فِي المَوْهُوبِ لَكَ، وَشَكَرْتَ الوَاهِبَ، وَبَلَغَ أَشُدَّهُ، وَرُزِقْتَ بِرَّهُ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Barakallahu laka fil-mauhubi laka, wa-shakartal-wahiba, wa-balaga ashuddahu, wa-ruziqta birrahu.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“अल्लाह तुम्हारे लिए इस अता किए गए (बच्चे) में बरकत दे, तुम अता करने वाले (अल्लाह) का शुक्र अदा करो, यह बच्चा अपनी जवानी को पहुँचे और तुम्हें इसकी नेकी व फ़रमांबरदारी नसीब हो।”

हवाला (Reference): हसन बसरी (रह.) से मंसूब / हिसनुल मुस्लिम।


3. माँ का दूध पिलाने की दुआ (Doodh Pilane Ki Dua)

बच्चे की सेहत और गिज़ा के लिए माँ का दूध सबसे बेहतरीन नेमत है। जब भी माँ बच्चे को दूध पिलाए या उसे कोई भी गिज़ा दे, तो बरकत के लिए यह दुआ पढ़े:

अरबी (Arabic):

اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيهِ وَزِدْنَا مِنْهُ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Allahumma barik lana fihi wa zidna minhu.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“ऐ अल्लाह! हमारे लिए इसमें बरकत अता फरमा और हमें इससे ज़्यादा अता फरमा।”

हवाला (Reference): जामिअ़ तिर्मिज़ी (3455)।


4. औलाद की हिफ़ाज़त की दुआ (Aulaad Ki Hifazat Ki Dua)

छोटे बच्चों को नज़र-ए-बद (Evil Eye) और शैतान के वसवसों का ख़तरा ज़्यादा होता है। नबी-ए-करीम (ﷺ) अपने नवासों, हज़रत हसन और हुसैन (रज़ि.) की हिफ़ाज़त के लिए यह दुआ पढ़कर दम किया करते थे।

अरबी (Arabic):

أُعِيذُكَ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

U’izuka bikalimatillahit-tammati, min kulli shaitaninw-wa-hammatin, wa-min kulli ‘ainil-lammatin.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“मैं तुम्हें अल्लाह के मुकम्मल कलिमों की पनाह में देता हूँ, हर शैतान और ज़हरीले जानवर से, और हर नुकसान पहुँचाने वाली (बुरी) नज़र से।”

हवाला (Reference): सहीह बुख़ारी (3371)।


5. औलाद की नेक परवरिश की दुआ (Bachche Ki Tarbiyat Ki Dua)

औलाद का नेक और नमाज़ी होना हर वालिदैन (Parents) का ख़्वाब होता है। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस सलाम) ने अपनी और अपनी औलाद की हिदायत और पाबंदी-ए-नमाज़ के लिए यह क़ुरआनी दुआ मांगी थी:

अरबी (Arabic):

رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِن ذُرِّيَّتِي ۚ رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَاءِ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Rabbi-j’alni muqimas-salati wa min zurriyyati, rabbana wa taqabbal dua-i.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“ऐ मेरे रब! मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी औलाद में से भी। ऐ हमारे रब! और मेरी दुआ क़बूल फरमा।”

हवाला (Reference): सूरह इब्राहीम, आयत 40।


अक्सर पूछे जाने वाले सवालात (FAQs)

सवाल: क्या हम Aulaad ki hifazat ki dua को पानी पर दम करके पिला सकते हैं?
जवाब: जी बिल्कुल, आप यह दुआ पढ़ कर अपने बच्चों पर दम कर सकते हैं या पानी पर दम करके पिला सकते हैं, यह बच्चों को हर तरह की बुरी नज़र और बीमारी से महफ़ूज़ रखता है।

सवाल: औलाद के नमाज़ी बनने के लिए क्या करें?
जवाब: सबसे पहले वालिदैन खुद नमाज़ की पाबंदी करें क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वो घर में देखते हैं। इसके साथ ही हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद ‘रब्बि-जअ़लनी मुक़ीमस-सलाति’ वाली दुआ कसरत से पढ़ें।

सवाल: नए बच्चे के कानों में अज़ान देना क्यों ज़रूरी है?
जवाब: जब बच्चा पैदा हो, तो सबसे पहले उसके दाएँ कान में अज़ान और बाएँ कान में इक़ामत कहना सुन्नत है, ताकि दुनिया में आते ही उसके कानों में सबसे पहले अल्लाह की बड़ाई (तौहीद) की आवाज़ पड़े।


अल्लाह ताला हम सबकी औलाद को नेक, सालेह और आँखों की ठंडक बनाए, और उन्हें दुनिया व आख़िरत की हर बुराई से महफ़ूज़ रखे। आमीन।