Khana Khane Ki Dua Aur Paani Peene Ka Sunnat Tarika: Before & After Meals

By Rokaiya

khana khane se pehle ki dua main

Quick Summary

Dua Name

Khana Khane Ki Dua Aur Paani Peene Ka Sunnat Tarika

Arabic Text

بِسْمِ اللهِ

Hindi Transliteration

बिस्मिल्लाह

English Transliteration

Bismillah

Source

Sahih Bukhari

खाना और पानी अल्लाह ताला की सबसे बड़ी नेमतों में से हैं। एक मोमिन की पहचान यह है कि वह अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को भी नबी-ए-करीम (ﷺ) के बताए हुए सुन्नत तरीक़े से पूरा करता है, जिससे उसका खाना-पीना भी इबादत बन जाता है और रिज़्क़ में बरकत होती है।

अक्सर हम जल्दबाज़ी में खाना शुरू कर देते हैं और दुआ पढ़ना भूल जाते हैं। अगर आप भी खाने-पीने की सुन्नतें, Khana khane se pehle ki dua, और खाने के बाद अल्लाह का शुक्र अदा करने का मसनून तरीक़ा जानना चाहते हैं, तो यह मुकम्मल गाइड आपके लिए है। आइए दस्तरख़्वान की तमाम अहम दुआओं को आसान हिंदी ज़बान में याद करें।


1. Khana Khane Se Pehle Ki Dua (खाने से पहले की दुआ)

जब भी दस्तरख़्वान पर खाना चुना जाए, तो सबसे पहले अपने दोनों हाथ गट्टों (कलाईयों) तक धोएं। इसके बाद खाना शुरू करने से पहले अल्लाह का नाम लेना निहायत ज़रूरी है, क्योंकि जिस खाने पर अल्लाह का नाम नहीं लिया जाता, उसमें शैतान शरीक हो जाता है।

Khana khane se pehle ki dua यह है:

अरबी (Arabic):

بِسْمِ اللَّهِ وَعَلَى بَرَكَةِ اللَّهِ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Bismillahi wa ‘ala barakatillah.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“अल्लाह के नाम के साथ और अल्लाह की बरकत पर (मैं खाना शुरू करता हूँ)।”

(नोट: अगर आपको यह पूरी दुआ याद न रहे, तो सिर्फ़ “बिस्मिल्लाह” पढ़ कर भी खाना शुरू कर देना सुन्नत को पूरा कर देता है।)


अगर खाना शुरू करते वक़्त दुआ पढ़ना भूल जाएं?

इंसान अक्सर भूख या जल्दबाज़ी की वजह से खाना शुरू करते वक़्त दुआ पढ़ना भूल जाता है। ऐसे में जब आपको खाने के बीच में याद आए कि आपने बिस्मिल्लाह नहीं पढ़ी, तो फ़ौरन यह मसनून दुआ पढ़ें:

अरबी (Arabic):

بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Bismillahi awwalahu wa akhirahu.

हिंदी तर्जुमा:

“अल्लाह के नाम से इसके शुरू में भी और इसके आख़िर में भी।”


2. Khana Khane Ke Baad Ki Dua (खाने के बाद की दुआ)

मुकम्मल खाना खा लेने के बाद उस परवरदिगार का शुक्र अदा करना बेहतरीन अमल है जिसने हमें इतनी अच्छी नेमतों से नवाज़ा। नबी (ﷺ) ने फरमाया कि जो शख़्स खाना खाने के बाद अल्लाह की तारीफ़ करता है, अल्लाह उससे राज़ी हो जाता है।

Khana khane ke baad ki dua इन अल्फ़ाज़ में अदा करें:

अरबी (Arabic):

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ

रोमन इंग्लिश (Transliteration):

Alhamdulillahil lazi at’amana wa saqana wa ja’alana minal muslimeen.

हिंदी तर्जुमा (Hindi Translation):

“तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें खिलाया, पिलाया और हमें मुसलमान बनाया।”


3. Paani Peene Ki Dua Aur Sunnat Tarika (पानी पीने की दुआ)

पानी के बग़ैर ज़िंदगी नामुमकिन है। मेडिकल साइंस आज बैठकर पानी पीने के फ़ायदे बता रही है, जबकि हमारे नबी (ﷺ) ने 1400 साल पहले ही इसके बेहतरीन सुन्नत आदाब बता दिए थे।

Paani peene ki dua: पानी पीने से पहले भी सिर्फ़ “बिस्मिल्लाह” (अल्लाह के नाम से) पढ़ना सुन्नत है।

पानी पीने की 5 अहम सुन्नतें:

  1. दाएँ हाथ (Right Hand) का इस्तेमाल: पानी हमेशा सीधे (दाएँ) हाथ से पकड़ कर पिएं। हदीस में है कि शैतान बाएँ हाथ से खाता और पीता है।
  2. बैठकर पानी पीना: हमेशा ज़मीन या कुर्सी पर बैठकर पानी पिएं। नबी-ए-करीम (ﷺ) ने खड़े होकर पानी पीने से सख़्ती से मना फरमाया है (सिवाय आब-ए-ज़मज़म या वुज़ू के बचे हुए पानी के)।
  3. देखकर पीना: पानी पीने से पहले बर्तन या गिलास के अंदर झांक कर देख लेना सुन्नत है, ताकि कोई तिनका या कीड़ा वगैरह अंदर न चला जाए।
  4. तीन सांसों में पीना: गिलास को मुँह से लगाकर एक ही सांस में गट-गट करके पानी पीने के बजाय, गिलास को मुँह से हटाकर आराम से तीन सांसों में पिएं।
  5. पीने के बाद दुआ: पानी मुकम्मल पीने के बाद अल्लाह का शुक्र अदा करने के लिए “अल्हम्दुलिल्लाह” (तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं) कहें।

4. दस्तरख़्वान और खाना खाने की 5 ज़रूरी सुन्नतें

अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन सुन्नतों को शामिल करके खाने की बरकत बढ़ाएं:

  • ज़मीन पर बैठना: जूते उतार कर ज़मीन पर दस्तरख़्वान बिछा कर खाना खाना सुन्नत और आजिज़ी (विनम्रता) की अलामत है।
  • खाने में ऐब न निकालना: खाने की कभी शिकायत न करें। नबी (ﷺ) को अगर खाना पसंद आता तो नोश फरमा लेते, और अगर पसंद न आता तो छोड़ देते, लेकिन कभी बुराई नहीं करते थे।
  • अपने सामने से खाना: प्लेट में हमेशा उस तरफ़ से खाएं जो हिस्सा आपके बिल्कुल सामने हो। बीच में से या दूसरों के सामने से हाथ बढ़ाना सुन्नत के ख़िलाफ़ है।
  • उंगलियां चाटना: खाना ख़त्म करने के बाद अपनी उंगलियों को अच्छी तरह चाटना सुन्नत है, क्योंकि हमें नहीं मालूम कि खाने के किस हिस्से में अल्लाह ने बरकत रखी है।
  • टेका लगाकर न खाना: किसी दीवार या तकिए का टेका लगाकर सुस्ती के साथ खाना खाना मना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवालात (FAQs)

सवाल: Khana khane ke baad ki dua क्या है और इसका तर्जुमा क्या है? जवाब: खाना खाने के बाद की दुआ “Alhamdulillahil lazi at’amana wa saqana wa ja’alana minal muslimeen” है। इसका मतलब है: तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें खिलाया, पिलाया और मुसलमान बनाया।

सवाल: क्या डाइनिंग टेबल पर खाना खा सकते हैं? जवाब: डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना जायज़ है (हराम नहीं), लेकिन ज़मीन पर दस्तरख़्वान बिछा कर खाना नबी-ए-करीम (ﷺ) की प्यारी सुन्नत है और इसमें ज़्यादा बरकत है।

सवाल: क्या खाने के बीच में पानी पी सकते हैं? जवाब: जी हाँ, खाने के बीच में ज़रूरत पड़ने पर पानी पीने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन सेहत (Digestion) के लिहाज़ से खाना खाने से पहले या खाने के कुछ देर बाद पानी पीना ज़्यादा फ़ायदेमंद है।


अल्लाह ताला हमें अपने हलाल रिज़्क़ की क़द्र करने और तमाम सुन्नतों पर पाबंदी के साथ अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।