Khauf Se Bachne Ki Dua: डर, घबराहट और बेचैनी दूर करने की 2 सबसे ताक़तवर दुआएं

By Rokaiya

khauf se bachne ki dua main

Quick Summary

Dua Name

Khauf Se Bachne Ki Dua

Arabic Text

لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ

Hindi Transliteration

ला इला-ह इल्ला अन्त सुब्हा-न-क इन्नी कुन्तु मि-नज़्ज़ालिमीन

English Transliteration

La ila-h illa ant subha-n-k inni kuntu mi-nazzalimin

Source

क़ुरान (सूरह अल-अम्बिया, आयत 87)

क्या आपको भी अचानक बैठे-बैठे घबराहट होने लगती है? रात को सोते वक़्त कोई अनजाना सा डर सताता है या मुस्तक़बिल (आने वाले कल) की बातें सोचकर दिल बेचैन हो जाता है?

आज के इस दौर में ओवरथिंकिंग (Overthinking), स्ट्रेस और एंग्जायटी (Anxiety) बहुत आम हो गई है। जब इंसान को कोई रास्ता नज़र नहीं आता और अंदर ही अंदर डर लगने लगता है, तो मेडिकल साइंस से पहले हमें रूहानी इलाज की ज़रूरत पड़ती है। एक मोमिन (मुसलमान) के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उसके पास हर बेचैनी का इलाज क़ुरआन और हदीस में मौजूद है।

अगर आपका दिल भी किसी डर या ख़ौफ़ से बेक़रार है, तो ज़हन को उलझाने के बजाय सीधे अल्लाह की पनाह में आएं। इस आर्टिकल में हम Khauf se bachne ki dua और दिल का सुकून पाने के सबसे असरदार सुन्नत तरीक़े जानेंगे।


1. अचानक घबराहट और डर लगने की दुआ (Dua for Fear & Anxiety)

जब भी आपके दिल में अचानक किसी अनहोनी का ख़ौफ़ पैदा हो, दिल की धड़कन तेज़ हो जाए या ऐसा लगे कि सब कुछ ख़त्म हो रहा है, तो नबी-ए-करीम (ﷺ) की सिखाई हुई यह निहायत ख़ूबसूरत दुआ पढ़ें। यह दुआ आपके ख़ौफ़ को फ़ौरन सुकून में बदल देती है।

अरबी (Arabic):

اللَّهُمَّ اسْتُرْ عَوْرَاتِي وَآمِنْ رَوْعَاتِي

रोमन इंग्लिश (Roman):

Allahummastur ‘awrati wa aamin raw’ati.

हिंदी तलफ़्फ़ुज़:

अल्लाहुम्मस्तुर औ-रा-ती व आ-मिन रौ-आ-ती।

तर्जुमा (Meaning):

ऐ अल्लाह! मेरी पर्दापोशी फरमा (मेरे ऐबों को छुपा ले) और मेरे ख़ौफ़ (डर और घबराहट) को अमन और सुकून में बदल दे।

(हवाला: सुनन अबू दाऊद)


2. सख़्त बेचैनी और मुश्किल के वक़्त की दुआ (Ayat-e-Karima)

जब मुसीबत इतनी बड़ी लगे कि इंसान चारों तरफ़ से अंधेरे में घिर जाए, तो उस वक़्त हज़रत यूनुस (अलैहिस सलाम) की वह दुआ पढ़ें जो उन्होंने मछली के पेट के अंधेरे में पढ़ी थी। इस दुआ (आयत-ए-करीमा) में अल्लाह ने हर बड़ी से बड़ी घबराहट और डिप्रेशन को दूर करने की ताक़त रखी है।

अरबी (Arabic):

لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ

रोमन इंग्लिश (Roman):

La ilaha illa anta subhanaka inni kuntu minaz-zalimeen.

हिंदी तलफ़्फ़ुज़:

ला इला-ह इल्ला अन्त सुब्हा-न-क इन्नी कुन्तु मि-नज़्ज़ालिमीन।

तर्जुमा (Meaning):

तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, तू पाक है, बेशक मैं ही ज़्यादती करने वालों में से था।

(हवाला: सूरह अल-अम्बिया, आयत 87)


घबराहट और डिप्रेशन को दूर करने के 3 इस्लामी तरीक़े

दुआ पढ़ने के साथ-साथ अगर आप इन 3 सुन्नतों पर अमल करेंगे, तो इंशाअल्लाह आपका दिल बिल्कुल मुतमइन (शांत) हो जाएगा:

  1. फ़ौरन ताज़ा वुज़ू करें: गुस्सा, डर और घबराहट शैतान की तरफ़ से होती है और शैतान आग से बना है। जब आप ठंडे पानी से वुज़ू करते हैं, तो जिस्म और ज़हन दोनों का स्ट्रेस फ़ौरन ख़त्म हो जाता है।
  2. अस्तग़फ़ार की कसरत: चलते-फिरते “अस्तग़फ़िरुल्लाह” पढ़ें। हदीस में आता है कि जो शख़्स अस्तग़फ़ार को अपने ऊपर लाज़िम कर लेता है, अल्लाह उसे हर ग़म और घबराहट से निकलने का रास्ता दे देता है।
  3. नतीजा अल्लाह पर छोड़ दें (तवक्कुल): हमारी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि हम कल की फ़िक्र आज ही करने लगते हैं। अपना हर मामला और हर डर अल्लाह के हवाले कर दें। यह यक़ीन रखें कि जो अल्लाह रात के अंधेरे में आपकी हिफ़ाज़त कर सकता है, वह आपके मुस्तक़बिल को भी सँवार देगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवालात (People Also Ask)

सवाल: क्या बार-बार डर लगना या डिप्रेशन होना ईमान की कमज़ोरी है?
जवाब: बिल्कुल नहीं! डर महसूस करना एक इंसानी फ़ितरत है। बड़े-बड़े सहाबा-ए-कराम को भी मुश्किल हालात में घबराहट हुई थी। असली ईमान यह है कि उस घबराहट के वक़्त आप मायूस न हों, बल्कि मदद के लिए सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ रुजू करें।

सवाल: अगर मुझे अरबी में Dua याद न हो, तो मैं क्या करूँ?
जवाब: अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हर ज़बान और हर दिल का हाल जानता है। अगर आप अरबी नहीं पढ़ पा रहे हैं, तो अपनी मादरी ज़बान (हिंदी या उर्दू) में अल्लाह से अपने दिल का हाल कहें। अल्लाह से बातें करना ही सबसे बड़ा सुकून है।

सवाल: सोने से पहले दिल घबराए तो क्या पढ़ें?
जवाब: अगर रात को सोते वक़्त ख़ौफ़ महसूस हो, तो आयतुल कुर्सी (Ayatul Kursi) और क़ुरआन की आख़िरी दो सूरतें (सूरह अल-फ़लक़ और सूरह अन-नास) पढ़ कर अपने हाथों पर फूंकें और पूरे बदन पर फेर लें।


अल्लाह ताला हम सबके दिलों से हर तरह का बे-जा ख़ौफ़ और बेचैनी दूर फरमाए, और हमें सच्चा इत्मीनान और सुकून नसीब करे। आमीन।