Safar Ki Dua In Hindi | सफ़र की दुआ हिंदी में: हिफ़ाज़त और बरकत के लिए

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मुख़्तसर रहनुमाई

सफ़र की दुआ

سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ. وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ
तलफ़्फ़ुज़:
Subhana-l-ladhi sakhkhara lana hadha wa ma kunna lahu muqrinin. Wa inna ila Rabbina lamunqalibun.
तर्जुमा:
पाक है वह (अल्लाह), जिसने इसे हमारे क़ाबू में कर दिया, जबकि हम इसे क़ाबू में करने वाले न थे; और बेशक हमें अपने रब की ही तरफ़ लौट कर जाना है।
मसदर: 
सूरह ज़ुख़रुफ़ 43:13-14, सही मुस्लिम: 2392
safar ki dua in hindi

Table of Content

सफ़र चाहे छोटा हो या बड़ा, घर से निकलते वक़्त दिल में एक अजीब सी बेचैनी और उम्मीद दोनों होती है। हम अपनी मंज़िल तक पहुँचने की प्लानिंग तो कर लेते हैं, लेकिन रास्ते के हालात और ख़ैरियत का इल्म सिर्फ़ अल्लाह को होता है। एक मुसाफ़िर (traveler) का दिल अल्लाह की हिफ़ाज़त का सबसे ज़्यादा मोहताज होता है।

ऐसे में, Safar Ki Dua In Hindi पढ़ना सिर्फ़ ज़बान से कुछ अल्फाज़ कहना नहीं है, बल्कि यह अपने आप को और अपनी सवारी को अल्लाह के हवाले करना है। जब बंदा अल्लाह के भरोसे पर निकलता है, तो उसका डर सुकून में बदल जाता है।

इस्लाम में सफ़र और दुआ (Islam Mein Safar Aur Dua)

इस्लाम हमें सिखाता है कि हम ज़िंदगी के हर मोड़ पर अल्लाह से जुड़े रहें। सफ़र की हालत में इंसान अक्सर बेबस महसूस करता है, इसलिए अल्लाह ने मुसाफ़िर की दुआ में बहुत तासीर रखी है। हदीस के मुताबिक, मुसाफ़िर की दुआ अल्लाह बहुत जल्द क़बूल फ़रमाता है।

जब हम सफ़र की दुआ (Safar Ki Dua) पढ़ते हैं, तो गोया हम अल्लाह से इक़रार करते हैं कि यह सवारी और यह रास्ता हमारे बस में नहीं था, यह सब अल्लाह की मेहरबानी से हमारे क़ाबू में आया है। यह एहसास हमारे सफ़र को इबादत बना देता है।

मसनून सफ़र की दुआ (Masnoon Safar Ki Dua)

यहाँ वह मसनून दुआ दी गई है जो क़ुरआन मजीद में ज़िक्र है और जिसे पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सफ़र की शुरुआत में पढ़ा करते थे। इसे सही तलफ़्फ़ुज़ (pronunciation) के साथ पढ़ें।

अरबी (Arabic Text)

سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ. وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

तलफ़्फ़ुज़ (Hindi Pronunciation)

सुब्हानल्लज़ी सख्ख़र लना हाज़ा वमा कुन्ना लहु मुक़रिनीन. व इन्ना इला रब्बिना लमुनक़लिबून.

Talaffuz (Hinglish)

Subhanalladhi sakhkhara lana hadha wa ma kunna lahu muqrineen. Wa inna ila Rabbina lamunqaliboon.

तर्जुमा (Translation)

“पाक है वह (अल्लाह) जिसने इसे (सवारी को) हमारे क़ाबू में कर दिया, जबकि हम इसे क़ाबू में करने वाले न थे; और बेशक हमें अपने रब की ही तरफ़ लौट कर जाना है।”

मस्दर (Reference)

सूरह ज़ुख़रुफ़ (43:13-14), सहीह मुस्लिम


सफ़र शुरू करने के आदाब (Safar Ke Adab)

दुआ का पूरा फ़ायदा और बरकत तभी मिलती है जब उसे सही तरीक़े और सही यक़ीन के साथ पढ़ा जाए। सफ़र पर निकलते वक़्त इन चंद बातों का ख़्याल रखें:

  1. बिस्मिल्लाह से शुरुआत: घर से निकलते वक़्त और सवारी पर कदम रखते वक़्त ‘बिस्मिल्लाह’ कहें।
  2. सवारी पर बैठकर दुआ: जब आप गाड़ी, बस, ट्रेन या जहाज़ में अपनी सीट पर अच्छी तरह बैठ जाएं, तब सुकून से Safar Ki Dua पढ़ें।
  3. यक़ीन: दुआ पढ़ते वक़्त दिल में यह पुख्ता यक़ीन रखें कि अब मेरा सफ़र अल्लाह की हिफ़ाज़त में है।
  4. नेक नीयत: सफ़र की नीयत साफ़ रखें, गुनाह के सफ़र में अल्लाह की मदद शामिल नहीं होती।

आपके सवाल और जवाब (Safar Related Q&A)

अक्सर लोगों के मन में सफ़र की दुआ को लेकर कुछ सवाल होते हैं। यहाँ उनके आसान जवाब दिए गए हैं:

सवाल: क्या रोज़ाना के सफ़र (Daily Commute) के लिए भी यह दुआ पढ़नी चाहिए?

जवाब: जी हाँ, बिल्कुल। हादसे या परेशानियाँ बता कर नहीं आतीं। चाहे आप ऑफ़िस जा रहे हों, कॉलेज या बाज़ार—जब भी सवारी पर बैठें, यह दुआ पढ़ने की आदत बना लें। यह आपकी रोज़मर्रा की हिफ़ाज़त का ज़रिया है।

सवाल: अगर सफ़र शुरू होने के बाद दुआ पढ़ना याद आए तो क्या करें?

जवाब: अगर शुरुआत में भूल गए हैं, तो घबराएं नहीं। जब भी याद आए, उसी वक़्त दुआ पढ़ लें। अल्लाह दिलों का हाल और हमारी नीयत बेहतर जानता है।

सवाल: क्या बच्चों को भी यह दुआ याद करानी चाहिए?

जवाब: हाँ, सफ़र के दौरान आप थोड़ी तेज़ आवाज़ में दुआ पढ़ें ताकि बच्चे भी सुन-सुन कर याद कर लें। बचपन में सीखी गई दुआएं ज़िंदगी भर काम आती हैं।

हिफ़ाज़त और भरोसे के साथ सफ़र

सफ़र ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा है। जब हम अल्लाह का नाम लेकर और उसकी बड़ाई बयान करके निकलते हैं, तो रास्ते की वीरानियाँ और डर ख़त्म हो जाते हैं। Safar Ki Dua In Hindi को अपने मोबाइल में सेव कर लें या याद कर लें, ताकि हर सफ़र अल्लाह की पनाह में गुज़रे।

अल्लाह आप सबके सफ़र को आसान, बा-बरकत और हर तरह की बलाओं से महफ़ूज़ रखे। आमीन।