
सफ़र करना हर इंसान की ज़िंदगी का एक हिस्सा है। चाहे आप अपने घर से बाज़ार जा रहे हों या किसी लंबी यात्रा पर निकल रहे हों, सफ़र में अल्लाह की हिफाज़त माँगना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए इस्लाम में सफ़र की दुआ का खास ज़िक्र है। आज हम आपके लिए सफ़र की दुआ लेकर आए हैं, जिसे आप आसानी से पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं। Dua India पर हमारा मकसद है कि हर मुसलमान तक सही और आसान दुआएँ पहुँचें। तो चलिए, सबसे पहले दुआ पढ़ते हैं।
सफ़र की दुआ
अरबी में दुआ:
سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُونَ
हिंदी में उच्चारण:
सुब्हानल्लज़ी सख्ख़र लना हाज़ा वमा कुन्ना लहु मुक़रिनीन व इन्ना इला रब्बिना लमुनक़लिबून
हिंदी अनुवाद:
पाक है वो अल्लाह जिसने इस (सवारी) को हमारे लिए तैयार किया, वरना हम इसके काबिल न थे। और बेशक हम अपने रब की तरफ़ लौटने वाले हैं।
English Transliteration:
Subhanalladhi sakhkhara lana hadha wama kunna lahu muqrineen wa inna ila rabbina lamunqaliboon
English Translation:
Glory be to Him who has made this (ride) ready for us, and we were not capable of it ourselves. And surely, to our Lord, we will return.
यह दुआ सफ़र शुरू करने से पहले पढ़ी जाती है। इसे सवारी (जैसे गाड़ी, बस, या हवाई जहाज़) पर चढ़ते वक़्त बोलना चाहिए। अब आइए, इसके बारे में थोड़ा और जानते हैं।
सफ़र की दुआ का मकसद और फ़ायदा
सफ़र की दुआ सिर्फ़ एक रस्म नहीं है, बल्कि यह अल्लाह से हिफाज़त और बरकत माँगने का तरीका है। जब हम घर से बाहर निकलते हैं, तो कई तरह के ख़तरे सामने आ सकते हैं—रास्ते में मुश्किलें, मौसम की मार, या कोई हादसा। इस दुआ के ज़रिए हम अल्लाह से कहते हैं कि वो हमें हर मुसीबत से बचाए और सफ़र को आसान बनाए।
इस दुआ में अल्लाह की तारीफ़ भी है। हम कहते हैं कि यह सवारी जो हमें मिली, यह अल्लाह का करम है। साथ ही, हम यह भी याद करते हैं कि एक दिन हमें अल्लाह के पास लौटना है। यह सोच हमें ज़िंदगी में नेकी करने की हिम्मत देती है।
इस दुआ के कुछ खास फ़ायदे:
- हिफाज़त: सफ़र में हर तरह के ख़तरे से बचाव होता है।
- सुकून: दिल को तसल्ली मिलती है कि अल्लाह हमारा रखवाला है।
- बरकत: सफ़र में ख़ैर-ओ-बरकत नसीब होती है।
सफ़र की दुआ कब और कैसे पढ़ें?
इस दुआ को पढ़ना बहुत आसान है। जब आप अपने सफ़र की शुरुआत करें, जैसे गाड़ी में बैठें या हवाई जहाज़ में चढ़ें, तो सबसे पहले इस दुआ को पढ़ लें। इसे ज़ोर से या दिल में पढ़ सकते हैं—दोनों तरीके सही हैं। अगर आप अकेले हैं, तो थोड़ा ऊँची आवाज़ में पढ़ना अच्छा है ताकि आप इसे साफ़ सुन सकें।
- सही वक़्त: सवारी पर चढ़ते ही पढ़ें।
- बार-बार पढ़ना: अगर सफ़र लंबा है, तो बीच-बीच में भी इसे दोहरा सकते हैं।
- खामोशी से: अगर लोग साथ हों और आप शर्मिंदगी महसूस करें, तो दिल में पढ़ लें।
हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलullah (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) जब सफ़र पर निकलते थे, तो सवारी पर बैठते ही यह दुआ पढ़ते थे। इससे हमें सीख मिलती है कि सफ़र की शुरुआत अल्लाह के नाम से करनी चाहिए।
रोज़मर्रा में सफ़र की दुआ का इस्तेमाल
कई लोग सोचते हैं कि यह दुआ सिर्फ़ लंबे सफ़र के लिए है, लेकिन ऐसा नहीं है। चाहे आप अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे हों या बाज़ार से सामान लाने, हर छोटे-बड़े सफ़र में इसे पढ़ सकते हैं। अल्लाह हर कदम पर हमारी हिफाज़त करता है, और यह दुआ उसकी याद दिलाती है।
अगर आपको अरबी याद न हो, तो हिंदी उच्चारण से पढ़ें। कोशिश करें कि धीरे-धीरे अरबी सीख लें, क्योंकि अरबी में पढ़ने की अपनी खास बरकत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- क्या सफ़र की दुआ हर बार पढ़नी ज़रूरी है?
हाँ, हर सफ़र में इसे पढ़ना सुन्नत है। इससे न सिर्फ़ हिफाज़त मिलती है, बल्कि अल्लाह की याद भी बनी रहती है। - अगर दुआ याद न हो तो क्या करें?
अगर दुआ याद न हो, तो हिंदी या अंग्रेज़ी उच्चारण से पढ़ सकते हैं। या फिर बस अल्लाह से अपनी ज़बान में हिफाज़त माँग लें। - क्या बच्चों को यह दुआ सिखानी चाहिए?
बिल्कुल! बच्चों को यह दुआ सिखाएँ ताकि वो छोटी उम्र से ही अल्लाह की हिफाज़त माँगना सीखें। - क्या इसे वुज़ू के बिना पढ़ सकते हैं?
हाँ, इसे वुज़ू के बिना भी पढ़ सकते हैं। लेकिन अगर आप पाक-साफ़ होकर पढ़ें, तो ज़्यादा सवाब मिलता है। - क्या लंबे सफ़र में और भी दुआएँ पढ़ सकते हैं?
जी हाँ, आप दूसरी दुआएँ जैसे “आयतुल कुर्सी” या “तीन कुल” भी पढ़ सकते हैं। ये सब आपकी हिफाज़त को मज़बूत करती हैं।
आखिरी बात
सफ़र की दुआ एक छोटी-सी दुआ है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है। इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ और हर सफ़र को अल्लाह की हिफाज़त में पूरा करें। Dua India पर हम आपके लिए ऐसी ही आसान और असरदार दुआएँ लाते रहेंगे। अगर आपको यह दुआ पसंद आई, तो इसे अपने दोस्तों और घरवालों के साथ शेयर करें ताकि सबको इसका फ़ायदा मिले। अल्लाह हम सबके सफ़र को आसान और ख़ैरियत से भरा रखे। आमीन!