Sone Ki Dua In Hindi | सोने की दुआ अरबी, रोमन और तर्जुमे के साथ

By Rokaiya

neend aane ki dua

Quick Summary

Dua Name

Sone Ki Dua

Arabic Text

بِاسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا

Hindi Transliteration

बिस्मिका अल्लाहुम्मा अमूतु व-अह्या।

English Transliteration

Bismika allahumma amutu w-ahya.

Source

सहीह बुखारी: 6324

रात का वक़्त है, घर में सब तरफ़ ख़ामोशी है, लेकिन आपके ज़हन (दिमाग़) में एक अजीब सी बेचैनी है। अक्सर ऐसा होता है कि दिन भर की थकान के बावजूद, जब हम बिस्तर पर लेटते हैं, तो नींद कोसों दूर महसूस होती है। कभी कल की फ़िक्र, तो कभी पुरानी बातें हमारे सुकून को छीन लेती हैं।

अगर आप रात को सुकून की नींद चाहते हैं और इंटरनेट पर Sone ki dua तलाश कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। जब दुनिया सो रही हो और आप जाग रहे हों, तो सबसे बेहतरीन सहारा अल्लाह ताला का ज़िक्र है। यहाँ हमने सोने की मसनून दुआओं को अरबी, हिंदी और तर्जुमे के साथ पेश किया है।


1. सोने की मशहूर दुआ (Sone Ki Dua)

यह दुआ बहुत मुख़्तसर (छोटी) और आसान है। हमारे प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) अक्सर सोने से पहले इसी दुआ का विर्द फ़रमाते थे। ज़्यादातर लोग इसी दुआ को पढ़ते हैं:

Arabic:

بِاسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا

Hindi:

बिस्मिका अल्लाहुम्मा अमूतु व-अह्या।

Roman:

Bismika Allahumma amutu wa-ahya.

तर्जुमा / मफ़हूम:

“ऐ अल्लाह! तेरे ही नाम से मैं मरता हूँ (सोता हूँ) और जीता हूँ (जागता हूँ)।” (हवाला: सहीह बुख़ारी: 6324)


2. बेचैनी और हिफ़ाज़त के लिए दुआ

अगर आपको नींद नहीं आ रही है या दिल घबरा रहा है, तो यह दुआ पढ़ें। इसमें हम अल्लाह ताला से अपनी रूह (Soul) की हिफ़ाज़त और रहमत मांगते हैं:

Arabic:

بِاسْمِكَ رَبِّي وَضَعْتُ جَنْبِي، وَبِكَ أَرْفَعُهُ، فَإِنْ أَمْسَكْتَ نَفْسِي فَارْحَمْهَا، وَإِنْ أَرْسَلْتَهَا فَاحْفَظْهَا بِمَا تَحْفَظُ بِهِ عِبَادَكَ الصَّالِحِينَ

Hindi:

बिस्मिका रब्बी व-ज़अतु जम्बी, व बिका अर-फउहू, फ़-इन अम-सक्ता नफ़सी फ़र-हमहा, व इन अर-सलतहा फ़ह-फ़ज़हा बिमा तह-फ़ज़ु बिही इबादकस्-सालिहीन।

Roman:

Bismika Rabbi wada’tu jambi, wa bika arfa’uhu, fa-in amsakta nafsi farhamha, wa in arsaltaha fahfazha bima tahfazu bihi ibadakas-salihin.

तर्जुमा / मफ़हूम:

“तेरे नाम से ऐ मेरे रब! मैंने अपना पहलू (करवट) रखा है, और तेरी ही क़ुदरत से मैं इसे उठाऊंगा। अगर तू मेरी जान (सोते में) रोक ले, तो उस पर रहम फ़रमाना, और अगर तू उसे छोड़ दे (यानी ज़िंदा रखे), तो उसकी हिफ़ाज़त फ़रमाना, जैसे तू अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त फ़रमाता है।” (हवाला: सहीह बुख़ारी: 6320)


सोने से पहले के सुन्नत आदाब (Sone Ke Adab)

दुआ की बरकत और अज़मत तब और बढ़ जाती है जब हम उसे नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के बताए हुए तरीक़े और सुन्नत के मुताबिक़ पढ़ें:

  • बिस्तर साफ़ करना: बिस्तर पर लेटने से पहले अपने बिस्तर को तीन बार झाड़ लेना सुन्नत है।
  • दाईं करवट लेटना (Right Side): कोशिश करें कि दाईं (सीधी) करवट लेटें और अपना दायां हाथ अपने रुख़सार (गाल) के नीचे रखें। यह सुन्नत तरीक़ा है।
  • वज़ू करके सोना: अगर मुमकिन हो तो सोने से पहले ताज़ा वज़ू कर लें। बावज़ू सोने वाले के लिए फ़रिश्ते रात भर मग़फ़िरत की दुआ करते हैं।
  • दिल साफ़ करना: सोने से पहले उन तमाम लोगों को माफ़ कर दें जिनसे आपको तकलीफ़ पहुँची हो। साफ़ दिल में सुकून जल्दी आता है।

अगर फिर भी नींद न आए (Restlessness)?

कभी-कभी दुआ पढ़ने के फ़ौरन बाद भी नींद नहीं आती। ऐसे में घबराएं नहीं। ज़बरदस्ती सोने की जद्दोजहद न करें। बस अपनी आँखों को बंद रखें और दुरूद शरीफ़ या अस्तग़फ़ार का विर्द करते रहें। अपनी तवज्जो (ध्यान) अल्लाह के ज़िक्र पर रखें, बेचैनी ख़ुद-ब-ख़ुद ख़त्म हो जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आपकी आँख लग गई।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Sone Ki Dua FAQs)

सवाल 1: क्या यह दुआ रोज़ाना पढ़नी चाहिए?
जवाब: जी हाँ, Sone ki dua को अपनी हर रात की आदत बना लें। जिस तरह हम जिस्म के आराम के लिए बिस्तर पर जाते हैं, उसी तरह रूह के सुकून के लिए यह दुआ लाज़िम है।

सवाल 2: अगर बड़ी दुआ ज़बानी याद न हो तो क्या करें?
जवाब: कोई बात नहीं। जब तक याद न हो, आप सिर्फ़ छोटी दुआ (बिस्मिका अल्लाहुम्मा…) पढ़ लें। अल्लाह ताला दिलों का हाल और हमारी नीयत बेहतर जानता है।

सवाल 3: क्या बच्चों को भी यह दुआ सिखा सकते हैं?
जवाब: बिल्कुल। बच्चों को बचपन से ही यह सुन्नत दुआ सिखाना शुरू करें। इससे वो रात के ख़ौफ़ (डर) से बचे रहते हैं और उन्हें सुकून की नींद आती है।


आख़िरी बात: सुकून बाज़ार में नहीं मिलता

रात की तन्हाई को अपना दुश्मन न समझें। जब आप अल्लाह का नाम लेकर लेटते हैं, तो अल्लाह के हुक्म से फ़रिश्ते आपकी हिफ़ाज़त करते हैं। अपनी सारी फ़िक्र और कल की उलझनें अल्लाह के हवाले कर दें।

सुकून किसी दुनियावी चीज़ में नहीं, बल्कि अल्लाह की याद में मिलता है। आज रात, बस इस यक़ीन के साथ सो जाएं कि आपका रब जाग रहा है और वो आपकी मुकम्मल हिफ़ाज़त फ़रमा रहा है। शब-ब-ख़ैर (Good Night)!